कोविड की तीसरी लहर बच्चो के लिए खतरनाक, सिंगापूर में आये मामले पर केजरीवाल ने सरकार को किया आगाह

नयी दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर से पूरा देश में हाहाकार मचा हुआ है उसी बीच एक और बड़ा संकट दस्तक दे रहा है। कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जाहिर की जा रही है। जो पहली और दूसरी लहर से काफी शक्तिशाली और खतरनाक होगी। एक्सपर्ट्स अनुमान लगा रहे हैं वायरस की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होगा। अभी 18 साल से कम उम्र वालों के लिए कोई वैक्सीन भी नहीं है। ऐसे में, आशंका है कि वायरस के लिए बच्चे आसान शिकार होंगे।
म्यूटेशन बहुत विषाक्त
दरअसल भारत के लिए ये चिंता की बात इसलिए भी है क्योंकि यहां 12 साल से कम उम्र के बच्चों की एक बड़ी आबादी है। बता दे तीसरी लहर ने सिंगापूर में बच्चो को प्रभावित किया है। सिंगापुर सरकार ने बच्चों को प्रभावित करने वाले COVID-19 वायरस के एक नए प्रकार की घोषणा की है। इसलिए वहां के स्कूलों को बंद कर दिया गया है। सिंगापुर के शिक्षा मंत्री ने कहा कि “म्यूटेशन बहुत अधिक विषाक्त हैं, और वे छोटे बच्चों पर हमला करते हैं”। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार देश में 16 साल से कम उम्र के सभी छात्रों का टीकाकरण करने की योजना पर काम कर रही है।
बच्चो को कर रहा अधिक प्रभावित
दरअसल सिंगापुर ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखते हुए सोमवार को 333 Covid-19 मामले दर्ज किए थे। स्वास्थ्य मंत्री ओंग ये कुंग ने भी कहा कि बी.1.617 का तनाव बच्चों को अधिक प्रभावित कर रहा है।
अरविन्द केजरीवाल ने सरकार को चेताया
इसी मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सरकार को सचेत किया और सिंगापुर से आने वाली फ्लाइट रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा ” सिंगापुर में आया कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक बताया जा रहा है। भारत में ये तीसरी लहर के रूप में आ सकता है। केंद्र सरकार से मेरी अपील है की सिंगापुर के साथ हवाई सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द हों और बच्चों के लिए भी वैक्सीन के विकल्पों पर प्राथमिकता के आधार पर काम हो
सिंगापुर में आया कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक बताया जा रहा है, भारत में ये तीसरी लहर के रूप में आ सकता है।
केंद्र सरकार से मेरी अपील:
1. सिंगापुर के साथ हवाई सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द हों
2. बच्चों के लिए भी वैक्सीन के विकल्पों पर प्राथमिकता के आधार पर काम हो— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 18, 2021















