लखनऊ अग्निकांड में कई घर बेघर, जहाँ हँसी-खुशी से भरे घर थे, आज वहाँ सिर्फ राख और सन्नाटा

लखनऊ: यूपी के लखनऊ से आई यह खबर सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सैकड़ों सपनों के टूटने की दर्दनाक कहानी है। कल तक जहाँ हँसी-खुशी से भरे घर थे, आज वहाँ सिर्फ राख और सन्नाटा बचा है। वो आशियाने, जिनमें लोग अपने बच्चों के भविष्य के सपने संजोए हुए थे… जहाँ बेटियों की शादी की योजनाएँ बनती थीं… जहाँ दिन भर की मेहनत के बाद सुकून की नींद मिलती थी… आज उसी जगह पर सिर्फ बर्बादी का मंजर दिखाई दे रहा है। एक ही रात में न जाने कितने परिवार बेघर हो गए, न जाने कितनी उम्मीदें जलकर राख हो गईं। इस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है… अब सिर्फ अफसोस, संवेदना और दुआ ही बची है।
Big Bharat ट्विटर को फॉलो कर
हम बात कर रहे हैं लखनऊ के विकास नगर की जहां बुधवार की संध्या को भीषण आग लगने से 200 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां के साथ साथ सैकड़ो सपने जलकर खाक हो गईं। दरअसल उस दौरान कई गैस सिलेंडरों में धमाके होने से ज्यादा विकराल रूप ले लिया और कई घरों को अपने चपेट में ले लिया। सूचना मिलने के बाद दमकल की 22 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
वही इस भीषण आग में दो बहने जिंदा जली साथ ही कुछ जानवर, पक्षी भी जिंदा जल गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नजमा” नाम की महिला ले बताया 1.5 लाख रुपए बक्से में अपना घर बनाने के लिए जमा करके रखा था सब कुछ जल कर राख हो गया। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस वालों से गुहार लगाई कि बक्सा निकाल लेने दीजिए, लेकिन बक्सा भी नहीं निकालने दिया गया।














