कन्हैयालाल हत्याकांड में दो नए खुलासे: मर्डर के वक्त खास नंबर वाली बाइक का किया इस्तेमाल , पकिस्तान के व्हाट्सप्प ग्रुप कनेक्शन ,

  • कन्हैयालाल हत्याकांड का वीडियो पकिस्तान के व्हाट्सप्प ग्रुप में भी शेयर किया, लिखा है” जो आर्डर मिला था, पूरा किया।”
  • मर्डर के वक्त  खास नंबर वाली बाइक का इस्तेमाल 
  • खास नंबर के  लिए RTO  को दी एक्स्ट्रा फ़ीस
  • अदालत ने NIA को ट्रांसफर किया केस 

राजस्थान: उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड में दो नए खुलासे सामने आये है। हत्यरो ने तालिबानी हत्याकांड का अंजाम देने के बाद वीडियो बनाया और कई वाॅट्सऐप ग्रुप में यह VIDEO शेयर किया था। खबर आयी है कि यह वीडियो पकिस्तान के व्हाट्सप्प ग्रुप में भी शेयर किया गया था। वीडियो शेयर करने के साथ में नीचे कैप्शन में लिखा है” जो आर्डर मिला था, पूरा किया।” हालांकि ये ग्रुप किसने बनाया और क्या मकसद था, इसकी अभी जानकारी नहीं मिली है।

मर्डर के वक्त  खास नंबर वाली बाइक का इस्तेमाल

वही टेलर कन्हैयालाल की हत्या के तत्काल बाद का एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। जिसमे  हत्यारे गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार एक खास नंबर वाली मोटरसाइकिल से भागते हुए दिख रहे हैं। जिस नंबर प्लेट वाली बाइक का इस्तेमाल किया गया है। वह मुंबई में आतंकी हमले से जुडी हुई है। यह बाइक रियाज के नाम से रजिस्टर्ड है। जिसे उसे 2013 में ख़रीदा था।

RTO  को दी एक्स्ट्रा फ़ीस

दरअसल रियाज ने जो बाइक खरीदी थी उस बाइक का नंबर 2611 है जिसे लेने के लिए RTO को 5 हजार रुपए एक्स्ट्रा फीस दी थी। इसी से  रियाज कि नफरत का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसने इस नंबर को पाने के लिए एक्स्ट्रा पैसो का भुगतान किया। कन्हैयालाल का मर्डर सोची समझी साजिश थी। अब इस पूरे मामले में आरोपियों की जिहादी सोच का भी खुलासा हुआ है।

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बताया जा रहा है कि RJ 27 AS 2611 नाम की इस बाइक से रियाज को काफी लगाव था। इसलिए मर्डर करने के लिए भी इसी बाइक से गौस के साथ आया था। इसके बाद इसी बाइक से दोनों फरार हुए थे। हालांकि पुलिस ने अब बाइक को जब्त कर लिया है, लेकिन जांच एजेंसियां इस नंबर के पीछे की कहानी कि सच्चाई  जुटाने में लगी है।

अदालत ने NIA को ट्रांसफर किया केस

अब  दोनों हत्यारों का केस उदयपुर जिला अदालत ने NIA को ट्रांसफर कर दिया है। एनआईए ने उदयपुर जिला कोर्ट में भी एक अर्जी लगाई थी कि दोनों हमलावरों और हत्याकांड से जुड़े दस्तावेज व अन्य सबूत उसके सुपुर्द किए जाएं। हत्यारों के पास से बरामद दस्तावेज से कानपुर का कनेक्शन जुड़ा है जिसके बाद NIA की टीम गुरुवार रात जाँच के लिए कानपुर पहुंची और कई जगहों पर छापेमारी की। फिलहाल हत्यारे गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार  को उदयपुर से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

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इधर, शुक्रवार को चौथे दिन भी राजस्थान में इंटरनेट बंद है। हिंसा न हो इसके लिए धारा 144 भी लगी हुई है। केस ट्रांसफर होने के बाद NIA को गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार की कस्टडी मिल जाएगी। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद NIA दोनों से पूछताछ करेगी।

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