निखत ज़रीन ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत के लिए जीता स्वर्ण पदक,

खेल: महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की निखत जरीन ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम लहरा दिया। इस्तांबुल में फ्लाईवेट 52 किग्रा फाइनल में थाईलैंड के जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराकर निखत जरीन  स्वर्ण पदक भारत के नाम किया । इस तरह निखत विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पांचवीं भारतीय महिला बन गयी। छह बार की चैंपियन एमसी मैरीकोम , सरिता देवी , जेनी आरएल और लेखा केसी इससे पहले विश्व खिताब जीत चुकी हैं।

हैदराबाद की मुक्केबाज जरीन ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान प्रतिद्वंद्वियों पर दबदबा बनाए रखा और फाइनल में थाईलैंड की खिलाड़ी को सर्वसम्मत फैसले में 30-27, 29-28, 29-28, 30-27, 29-28 से हराया। भारत के  चार साल में इस प्रतियोगिता में यह पहला स्वर्ण पदक है। पिछला स्वर्ण पदक मैरीकोम ने 2018 में जीता था। पच्चीस साल की जरीन ने दमदार मुक्के बरसाते हुए जुटामस पर दबदबा बनाया। जुटामस ने बेहतर शुरुआत की लेकिन जरीन ने जल्द ही वापसी करते हुए अपना पलड़ा भारी कर दिया।

विजेता की घोषणा होने के बाद जरीन अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। वह खुशी में कूदने लगी और अपने आंसू नहीं रोक पाई। जुटामस के खिलाफ यह जरीन की दूसरी जीत है। भारतीय मुक्केबाज ने इससे पहले थाईलैंड की मुक्केबाज को 2019 में थाईलैंड ओपन में भी हराया था। हैदराबाद की मुक्केबाज जरीन इस साल बेहतरीन फॉर्म में रही हैं। वह फरवरी में प्रतिष्ठित स्ट्रेंजा मेमोरियल में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं थी।

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