प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करेंगे, जानिए किन किन जिलों से होकर गुजरेगी

पटना: केंद्र सरकार इन दिनों यूपी बिहार और झारखंड जैसे पूर्वांचल राज्यों में एक्सप्रेस-वे का विकास करने को लेकर काम कर रही है। इसी कड़ी में दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करेंगे। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया गया है। वही उत्तर प्रदेश के बलिया से बिहार के कुछ जिलों से होकर या कुछ जिलों से होकर यह एक्सप्रेसवे गुजरने वाली है। इसके साथ बिहार में कई और एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा तो चलिए जानते है वह कौन कौन सी एक्सप्रेस-वे होगा।
इसके अलावा औरंगाबाद जयनगर एक्सप्रेस-वे औरंगाबाद के मदनपुर से शुरू होने वाली ये फोरलेन सड़क गया एयरपोर्ट के बगल से होते हुए जीटी रोड से गया से ये जहानाबाद और नालंदा के बॉर्डर से गुजरते हुए पटना में कच्ची दरगाह में आएगी। वही बिदुपुर के बीच बन रहे 6 लेन पुल से चकसिकंदर, महुआ के पूरब होते हुए ताजपुर तक जाएगी।
इसके साथ साथ यह दरभंगा एयरपोर्ट के समीप से गुजरते हुए जयनगर में समाप्त होगी। इस सड़क 271 किलोमीटर लंबी होगी, साथ ही यह पटना के साथ प्रदेश के 6 जिलों से होकर गुजरेगी। वही इस सड़क से पटना का गया और दरभंगा एयरपोर्ट से सीधा संपर्क हो जाएगा।
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे नेपाल सीमा पर स्थित बिहार के रक्सौल से हल्दिया तक रज्य का दूसरा एक्सप्रेस-वे छह से आठ लेन का होगा। बिहार के इस दूसरे एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले साल से शुरू होगा। यह करीब 695 किमी लंबा होगा, जिसके निर्माण पर 54 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अनुमान है कि इसे वर्ष 2024-25 तक पूरा किया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ग्रीनफील्ड होगा और इसमें बीच में नहीं चढ़ा जा सकेगा। यह बिहार के 9 जिलों से होकर गुजरेगी, इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, बिहारशरीफ, शेखपुरा, जमुई और बांका शामिल हैं।